प्रिय पाठकों! माय नियर एग्जाम डॉट इन में आपका स्वागत है। प्रतिदिन की तरह आज इस लेख में भारतीय संविधान की प्रस्तावना | Preamble of Indian Constitution के अंतर्गत प्रस्तावना की परिभाषा | भारतीय संविधान की प्रस्तावना का इतिहास | भारतीय संविधान की प्रस्तावना हिंदी | भारतीय संविधान की प्रस्तावना का अर्थ | संविधान की प्रस्तावना की मुख्य बातें  एवं भारतीय संविधान की प्रस्तावना PDF Download हिंदी, के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी लेकर आए हैं जो निम्नलिखित इस प्रकार है :-

प्रस्तावना की परिभाषा (Defination of Preamble) :- संविधान का वह पहला कथन जिसमें कोई देश अपने संविधान के बुनियादी मूल्यों और अवधारणाओं को स्पष्ट ढंग से कहता है, उसे प्रस्तावना कहते हैं।


भारतीय संविधान की प्रस्तावना का इतिहास

पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा के समक्ष उद्देश्य प्रस्ताव 13 दिसंबर 1946 ई. को प्रस्तुत किया जो भारतीय संविधान की नीव थी। उद्देश्य प्रस्ताव को संविधान का रूप देने के लिए विभिन्न विषयों से संबंधित समितियों का गठन किया गया जिसमें सबसे प्रमुख डॉ. भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में बनी 7 सदस्य वाली प्ररूप समिति थी।

इस तरह से प्रस्तावना संविधान सभा में 13 दिसंबर 1946 को तैयार कर किया गया और अंतत: 22 दिसंबर 1947 ई. को संविधान सभा द्वारा अपनाया गया।

भारत में आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार ने 18 दिसंबर 1976 को संविधान के 42 में संशोधन द्वारा 'संप्रभु और लोकतांत्रिक' शब्दों के साथ 'समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष' शब्द जोड़े गए हैं और 'राष्ट्र की एकता' को 'राष्ट्र की एकता और अखंडता' जैसे शब्दों में बदल दिया गया।

भारतीय संविधान की प्रस्तावना में तीन प्रकार का न्याय - सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक।पांच प्रकार की स्वतंत्रता - अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म एवं उपासना एवं दो प्रकार की समानता - प्रतिष्ठा एवं अवसर का उल्लेख किया गया।


भारतीय संविधान की प्रस्तावना | Preamble of Indian Constitution

Preamble of indian constitution pic, Bhartiya sanvidhan ki prastavana pic, image, भारतीय संविधान की प्रस्तावना फोटो हिंदी
Preamble of Indian Constitution Image

हम, भारत के लोग, भारत को एक [*संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न समाजवादी पंथ निरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य] बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को :

       सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय,

       विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म

                              और उपासना की स्वतंत्रता,

                              प्रतिष्ठा और अवसर की समता

प्राप्त कराने के लिए,

तथा उन सब में

                व्यक्ति की गरिमा और [*राष्ट्र की एकता

               और अखंडता] सुनिश्चित करने वाली बंधुता

बढ़ाने के लिए

दृढ़ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर, 1949 ई. (मिती मार्गशीर्ष शुक्ल सप्तमी, सवंत दो हजार छह विक्रमी) को एततद्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मा समर्पित करते हैं।


नोट:-  *भारतीय संविधान के 42वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 की धारा 2 द्वारा "प्रभुत्व संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य" के स्थान पर संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न समाजवादी पंथ निरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य शब्द को जोड़ा गया।

*भारतीय संविधान के 42वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 की धारा 2 द्वारा "राष्ट्र की एकता" के स्थान पर राष्ट्र की एकता और अखंडता शब्द जोड़ा गया।


संविधान की प्रस्तावना का अर्थ | Meaning of Preamble

भारतीय संविधान के प्रस्तावना में प्रयोग किए गए शब्द का अर्थ भी आप को समझना चाहिए ताकि संविधान की प्रस्तावना को आप भली-भांति समझ सके :-

संप्रभुता (Sovereignty) :- संप्रभुता का तात्पर्य वैसे शक्ति से है जो देश या राज्य के अंदर कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र है अर्थात जहां देश आंतरिक तथा बाह्य मामलों में पूरी तरह स्वतंत्र हो तथा किसी बाय शक्ति पर निर्भर न हो उसे संप्रभुता कहते हैं।

समाजवाद (Socialism) :- समाजवाद का अभिप्राय उस व्यवस्था से है जिसमें उत्पादन एवं वितरण का स्वामित्व राज्य के नियंत्रण में रहता हो, उसे समाजवाद कहते हैं।

धर्मनिरपेक्ष (Secular) :- जहां धर्म के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता है तथा सभी धर्मों का समान रूप से देखा जाता है, उसे धर्मनिरपेक्ष करते हैं।

लोकतंत्र (Democracy) :- लोकतंत्र उसे कहते  है जहां सरकार को समस्त शक्ति जनता से प्राप्त होता हो, शासकों का निर्वाचन जनता द्वारा किया जाता हो और वह सरकार उन्हीं के प्रति उत्तरदाई होते हो।

गणराज्य (Republic) :- गणराज्य का तात्पर्य उस देश या राज्य से है जहां राज्य का अध्यक्ष एक निर्वाचित व्यक्ति, जो एक निश्चित अवधि हेतु पद ग्रहण करता हो उसे गणराज्य कहते हैं।

समता (Equality) :- समता का अर्थ यह है कि देश के किसी भी व्यक्ति को किसी अवसर से वंचित एवं देश के नागरिक से किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा और राज्य यह तय करेगा कि सभी नागरिकों को बिना किसी राजनीतिक एवं आर्थिक  रूप से समान अवसर प्राप्त हो।

बंधुत्व (Fraternity) :- बंधुत्व शब्द का तात्पर्य भाईचारा, मैत्री और परस्पर सहयोग की भावना से है लेकिन भारतीय संविधान की प्रस्तावना की संदर्भ में बात करें तो इसका अर्थ राष्ट्र की एकता और अखंडता तथा व्यक्ति की गरिमा से संबंधित है।



प्रस्तावना की मुख्य बातें

◾संविधान की प्रस्तावना को संविधान की कुंजी कहा जाता है।

◾प्रस्तावना संविधान का आरंभिक अंक होते हुए भी कानूनी तौर पर उसका भाग नहीं माना जाता है।

◾प्रस्तावना के अनुसार संविधान के समस्त शक्तियों का केंद्र 'भारत के लोग' हैं।

◾'प्रस्तावना' को न्यायालय में परिवर्तित नहीं किया जा सकता है यह निर्णय यूनियन ऑफ इंडिया बनाम मदन गोपाल, 1957 के निर्णय में घोषित किया गया। यानी सरकार या कोई नागरिक प्रस्तावना की अवहेलना करता है तो उसकी रक्षा के लिए हम अदालत की सहायता नहीं ले सकते हैं।

◾बेरूवाढ़ी यूनियन वाद 1960 मैं सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि संविधान की भाषा संदिग्ध हो वहां प्रस्तावना विधिक निर्वाचन में सहायता करती है।

◾ बेरूवाढ़ी वाद में ही सर्वोच्च न्यायालय ने प्रस्तावना को संविधान का अंग नहीं माना इसीलिए विधायिका प्रस्तावना में संशोधन नहीं कर सकती परंतु सर्वोच्च न्यायालय के केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य वाद्य 1973 में कहा गया कि प्रस्तावना संविधान का अंग है इसीलिए विधायिका यानी संसद उसमें संशोधन कर सकती है।

◾केशवानंद भारती वाद में ही सर्वोच्च न्यायालय ने मूल ढांचे का सिद्धांत दिया तथा प्रस्तावना को संविधान का मूल ढांचा माना।

◾संसद भारतीय संविधान के मूल ढांचा में वैसा संशोधन कर सकती है जिससे मूल ढांचा का विस्तार एवं मजबूती कारण होता हो।

◾ 42 वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 ई. के द्वारा इसमें समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और राष्ट्र की अखंडता शब्द जोड़े गए।

◾भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित एवं सर्वाधिक व्यापक संविधान है यह  अंशत: कठोर और अंततः लचीला है।


भारतीय संविधान की प्रस्तावना हिंदी | Preamble of Indian Constitution PDF Download

भारतीय संविधान की प्रस्तावना हिंदी भाषा के अलावा भारत के ‍अन्य 17 भाषाओं में आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं जो निम्नलिखित इस प्रकार है; सोर्स : https://legislative.gov.in

भारतीय संविधान की प्रस्तावना हिंदी PDF Download
क्र. सं. भारतीय संविधान की प्रस्तावना PDF
 1.  Preamble of Indian Constitution in Hindi  Download
 2.  Preamble of Indian Constitution in English  Download
 3.  Preamble of Indian Constitution in Marathi  Download
 4.  Preamble of Indian Constitution in Gujarati  Download
 5.  Preamble of Indian Constitution in Bangali  Download
 6.  Preamble of Indian Constitution in Panjabi  Download
 7.  Preamble of Indian Constitution in Malayalam  Download
 8.  Preamble of Indian Constitution in Assamese  Download
 9.  Preamble of Indian Constitution in Kannada  Download
 10.  Preamble of Indian Constitution in Konkani  Download
 11.  Preamble of Indian Constitution in Telugu  Download
 12.  Preamble of Indian Constitution in Tamil  Download
 13.  Preamble of Indian Constitution in Odisa  Download
 14.  Preamble of Indian Constitution in Sanskrit  Download
 15.  Preamble of Indian Constitution in Urdu  Download
 16.  Preamble of Indian Constitution in Nepali  Download
 17.  Preamble of Indian Constitution in Sindhi  Download

निष्कर्ष (Conclusion)

दोस्तों, हमें उम्मीद है कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना हिंदी | Preamble of Indian Constitution का यह लेख पसंद आई होगी। भारतीय संविधान की इस लेख के अंतर्गत आपने भारतीय संविधान की परिभाषा | भारतीय संविधान की प्रस्तावना हिंदी | भारतीय संविधान की प्रस्तावना का अर्थ | प्रस्तावना की मुख्य बातें एवं भारतीय संविधान की प्रस्तावना हिंदी | Preamble of Indian Constitution PDF Download भी कर चुके होंगे। प्रतिदिन सामान्य ज्ञान से जुड़ी हुई नई नई जानकारियां के लिए हमारे वेबसाइट www.MyNearExam.in विजिट करते रहे धन्यवाद